Nesting tiles,nest box,छत की टाइल्स में घोसलें

आजकल पक्षियों की संख्या घटने का एक प्रमुख कारण उनको प्रजनन के लिए सुरक्षित  जगह ही नहीं है क्यूंकि गौरैया जैसे पक्षी तो हमारे घरों में आए बदलाव के कारण लुप्तप्राय हो गए थे, जिसे कृतिम घोसलें लगाकर अब संख्या में थोड़ी वृद्धि दिखने लगी है। 
शायद ऐसे ही पक्षियों के लिए कुछ जगहों पर छत की  टाइल्स में ही घोसलें वाली टाइल्स का प्रचलन शुरू हुआ है।
क्या ऐसा अपने यहां भी हो सकता है?इस विषय पर सोचने की आवश्यकता है।
खोंढर वाले पुराने पेड़ों कि कमी और घरों में तोते को पालने का प्रचलन से भी रिंग नेक पैराकीट की संख्या बहुत ही कम हो गई है ,इसके लिए भी ऊंचे पेड़ों पर बड़े नेस्ट बॉक्स लगाकर तोतों के प्रजनन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

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